यह कहा जाता है कि ‘अ सोल्जर इज नैवर औफ ड्यूटी’. ‘हौलीडे’ नामक इस फिल्म में अक्षय कुमार एक सोल्जर की भूमिका में है और चौबीसों घंटे वह अपने मिशन को पूरा करने में लगा रहता है यानी नैवर औफ ड्यूटी.

टाइटल से तो यह फिल्म छुट्टियां मनाने और मौजमस्ती करने वाली लगती है लेकिन ऐसा नहीं है. फिल्म आतंकवाद पर है. आतंकवाद खुलेआम वाला नहीं, गुपचुप वाला यानी स्लीपर्स सैल. स्लीपर्स सैल हमारेआप के बीच रहने वाले ऐसे लोग होते हैं जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं, उन्हें यह पता नहीं होता कि उन का इस्तेमाल कौन किसलिए कर रहा है. स्लीपर्स सैल के लोग कोई भी हो सकते हैं, आप का दूध वाला, ड्राइवर, नौकर, दुकानदार, दफ्तर का बौस...कोई भी हो सकता है. इस फिल्म में दिखाया गया है कि भारतीय रक्षा मंत्रालय का जौइंट सैके्रटरी स्लीपर्स सैल का मुखिया है.

Tags:
COMMENT