2010 में प्रदर्शित हास्य फिल्म ‘‘तेरे बिन लादेन’’ का यह सिक्वअल है. इस फिल्म में ओसामा बिन लादेन की मौत हुई या वह जिंदा है, इस बात को लेकर रस्साकसी है. छह साल पहले की फिल्म ‘‘तेरे बिन लादेन’’ में कहानी व हास्य के साथ कलाकारों की परफार्मेंस ऐसी थी कि इस फिल्म ने लोगो के दिलों में जगह बना ली थी. लेकिन छह साल बाद उसी फिल्म का सिक्वअल ‘‘तेरे बिन लादेन डेड आर एलाइव’’ देखकर एक ही सवाल दिमाग में आता है कि जब कहानी नहीं है, तो फिर सिक्वअल बनाने की जिद क्यों?

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