आजकल नोटबंदी के दौर में उपजी नकदी की कमी से निबटने के लिए गांवदेहात सामान के बदले सामान लेनेदेने के पुराने दौर में वापस चले गए हैं. इस से किसानों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि उन की उपज औनेपौने दामों पर बिक रही है. वैसे, विनिमय एक सिद्धांत है. जिस में किसी चीज को खरीदने के लिए पैसे की जगह पर दूसरी चीज ही देनी होती है. गांव में चीनी, नमक, मसाले और जरूरत की दूसरी चीजों को खरीदने के लिए किसान धान को देता है, तो दुकानदार धान को नकद पैसे की तरह से लेता है. इस को ऐसे समझा जा सकता?है कि जैसे चीनी की कीमत 40 रुपए किलोग्राम है और धान की कीमत 10 रुपए किलोग्राम तो 1 किलोग्राम चीनी की खरीद के लिए किसान को 4 किलोग्राम धान देना पड़ रहा?है.

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