सदियों से भारत का दस्तूर रहा है कि यहां दिक्कतों के निबटारे के लिए वजहों को दूर नहीं किया गया, बल्कि टोटकों व ढकोसलों को तरजीह दी गई. मौजूदा समय में देश बुरी तरह से सूखे की चपेट में है. वैसे यह कोई नई बात नहीं है. पहले के जमाने में भी सूखा पड़ता था, मगर अब कुछ ज्यादा ही पड़ने लगा है. मौसम विज्ञानी इस बार के सूखे को अलनीनो तूफान का नतीजा मान रहे हैं. अलनीनो के असर से साल 2002, साल 2004, साल 2009 और साल 2014 भी सूखे की गिरफ्त में थे और यह साल भी सूखे की भेंट चढ़ चुका है.

COMMENT