लेखक-डा. एसके सिंह 

दूध में भोजन के सभी जरूरी तत्त्व जैसे प्रोटीन, शक्कर, वसा, खनिजलवण, विटामिन वगैरह उचित मात्रा में पाए जाते हैं, जो लोगों की सेहत और बढ़ोतरी के लिए बहुत जरूरी होते हैं, इसीलिए दूध को एक संपूर्ण आहार कहा गया है.

लेकिन दूध में जीवाणुओं की बढ़ोतरी होते ही दूध जल्दी खराब होने लगता है. इसे ज्यादा समय तक साधारण दशा में सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है. कुछ दूसरे हानिकारक जीवाणु दूध के जरीए दूध पीने वालों में कई तरह की बीमारियां पैदा कर देते हैं, इसलिए दूध को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने, गंदे व असुरक्षित दूध को पीने से होने वाली बीमारियों से लोगों को बचाने व ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए दूध का उत्पादन साफ तरीकों से करना बहुत जरूरी है.

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