उम्र बढ़ने के साथ मोटापा मवेशियों को भी अपनी गिरफ्त में ले लेता है. आमतौर पर इस तरफ मवेशीपालकों का ध्यान नहीं जाता, क्योंकि वे इस गलतफहमी में रहते हैं कि मवेशियों में मोटापा नहीं होता बल्कि वे सेहतमंद हो रहे हैं. मवेशियों की सेहत के बारे में किसान ज्यादा जाननेसमझने की जरूरत नहीं महसूस करते. मवेशी खापी रहा है, काम कर रहा है और गायभैंसें दूध दे रही हैं, यही किसानों के लिए काफी है. लेकिन हकीकत यह है कि मोटे होते हुए मवेशी धीरेधीरे काम करना बंद कर देते हैं और गायभैंसों के दूध की मात्रा घटती जाती है.

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