गन्ने की फसल में अगर नमी की कमी दिखाई दे रही है, तो सिंचाई करें. निराईगुड़ाई का काम करें. खेत में खरपतवार न पनपने दें. यूरिया वगैरह व गोबर की अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट खाद या केंचुआ खाद खेत में जरूरत के मुताबिक डालें. जैविक खाद डालने से खेत की मिट्टी की पानी को ज्यादा समय तक रोकने की कूवत पैदा होती है. साथ ही, मिट्टी की क्वालिटी में सुधार आता है, जिस से गन्ने की ज्यादा पैदावार मिलती है. पेड़ी वाली फसल में गन्ने की सूखी पत्तियां खेत में ही फैला दें, ऐसा करने से खेत में नमी बनी रहती है. साथ ही, खरपतवारों पर भी काबू रहता है.

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