लेखक- प्रो. रवि प्रकाश मौर्य, डा. सुमन प्रसाद मौर्य आचार्य नरेंद्र देव

रवि प्रकाश मौर्य ने हल्दी की उपयोगिता और एक परिवार के लिए कम क्षेत्रफल में खेती करने की सलाह दी. उपयोगिता हल्दी का उपयोग प्राचीन काल से विभिन्न रूपों में किया जाता रहा है, क्योंकि इस में रंग, महक व औषधीय गुण पाए जाते हैं. हल्दी में जैव संरक्षण और जैव विनाश दोनों ही गुण विद्यमान हैं. भोजन में सुगंध व रंग लाने में, अचार आदि भोज्य पदार्थों में इस का उपयोग करते हैं. हल्दी भूख बढ़ाने और उत्तम पाचक में सहायक होती है. यह रंगाई के काम में भी उपयोग होती है. दवाओं में भी इस का उपयोग किया जाता है. साथ ही, कौस्मैटिक चीजें बनाने में भी इस का उपयोग किया जाता है. एक परिवार के लिए जरूरत एक सामान्य परिवार को प्रतिदिन 15-20 ग्राम हलदी की जरूरत रहती है.

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