पिंटू. बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. उस के मांबाप ने उस को ले कर बड़ेबड़े सपने देखे थे. बेटा इंजीनियर बनेगा. परिवार और गांव का नाम रोशन करेगा. सबकुछ ठीकठाक चल रहा था कि पिंटू के भाई की हत्या कर दी गई. भाई की हत्या की खबर सुन कर वह घर आया. क्रियाकर्म होने के बाद पिंटू वापस बेंगलुरु नहीं जाने की जिद करने लगा. घर वालों ने उसे समझायाबुझाया लेकिन वह पढ़ाई करने के लिए जाने को तैयार ही नहीं हुआ. वह बस यही रट लगाता रहा कि उसे अपने बड़े भाई की हत्या का बदला लेना है.

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