आज के समय में स्ट्रैस यानी तनाव जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. एक अमेरिकी वैज्ञानिक के मुताबिक स्ट्रैस मस्तिष्क में दबी हर प्रेरणा मांसपेशियों और त्वचा में दबाव पैदा करती है. जब तक इसे किसी क्रिया से निकाला नहीं जाता, मांसपेशियों में स्ट्रैस बना रहता है. इस स्ट्रैस से थकान और डिप्रैशन जन्म लेता है जो धीरेधीरे किसी गंभीर बीमारी का रूप ग्रहण कर लेता है. फिर क्यों न इस स्ट्रैस से बचा जाए और खुशहाल जिंदगी जी जाए.

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