मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन पर मची भगदड़ में जिन 24-25 लोगों की मौतें हुई हैं उन पर सरकार घडि़याली आंसू चाहे बहा ले पर सरकार का रवैया बदलेगा, यह न सोचना. उपहार सिनेमा दिल्ली या इमामी अस्पताल कोलकाता में आग से हुई मौतों के लिए मालिकों को जेल भेजा गया था पर चिंता न करें, उत्तर प्रदेश के अस्पताल में बच्चों की मौतें हों, रेलों की दुर्घटनाओं में लोग मरें या भगदड़ में मौतें हों, हमारे नेता ही नहीं, अफसर और बाबू से ले कर निचले स्तर तक के कर्मचारी भी सुरक्षित हैं.

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