देश के गांवों में बच्चों की क्या दुर्गति है यह इस छोटी बात से जाहिर है कि दिल्ली के एक बहुत घने गरीब इलाके में 2 कमरे के मकान में असम, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल से लाए गए 27 बच्चे एक छापे में पकड़े गए. इन बच्चों को गांवों से लाया गया था और दिल्ली में या तो घरेलू नौकरी पर लगाया जाता था या देह बेचने में. इन बच्चों के मांबाप गांवों में बच्चों के खो जाने के बाद कुछ दिन तक रोतेकलपते रहते होंगे और फिर अपना नसीब मान कर हार कर चुप बैठ जाते होंगे. जाहिर है कि ये बच्चे बेहद गरीब घरों के हैं जहां हर रोज खाने के लाले पड़े रहते हैं. तभी कुछ के मातापिता को नौकरी का लालच दे कर तो कुछ को रिश्तेदारों से और कुछ को उठा कर लाया जाता होगा.

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