भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर एक पूर्व कर्मचारी के यौन प्रताड़ना के आरोप को सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो एक ही बैठक में खारिज कर दिया जिस में बैंच पर स्वयं वे खुद भी बैठे थे. यौन प्रताड़ना के आरोपों के सैकड़ों अपराधी आज बदनामी झेल रहे हैं, उन पर मीडिया ट्रायल हो रहे हैं. कुछ के मामले अदालतों में हैं तो कुछ आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं. यौन प्रताड़ना पर आमतौर पर अदालतों का रुख रहा है कि शिकायतकर्ता की शिकायत ही खासा मजबूत सुबूत है, बाहरी सुबूत की जरूरत नहीं है.

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