Bangladesh Elections 2026 : 12 फरवरी को बंगलादेश में चुनाव अगर हुए, तो जो भी पार्टी जीतेगी वह भारत की विरोधी ही होगी. वर्ष 1971 में इंदिरा गांधी ने शेख मुजीबुर्रहमान को शरण देने के बाद सेना को सहायता दे कर बंगलादेश को जिस पश्चिमी पाकिस्तानी आतंक से बचाया था, बाद के बंगलादेश और भारत के नेताओं ने उसे ब्रह्मपुत्र में बहा दिया. बंगलादेश काफी सालों तक अस्थिर बना रहा और उस के गरीब लोग बर्मा (म्यांमार) और भारत में नौकरी पाने की जुगत में घुसते रहे.
अवामी लीग की शेख हसीना ने 2008 से 2024 के बीच भारत से संबंध सुधारे, तो बंगलादेश दक्षिण एशिया का सब से ज्यादा प्रगतिशील देश बन गया और उस की प्रतिव्यक्ति आय पाकिस्तान से लगभग दोगुनी व भारत से भी ज्यादा हो गई. शेख हसीना ने कोई लोकतांत्रिक शासन लागू किया हो, ऐसा नहीं है. वे भी डिक्टेटर थीं. नतीजतन, बंगलादेश में अगस्त 2024 में जनविद्रोह फैल गया. जेन जी ने शेख हसीना के घर तक हमला कर दिया. यह उस डिक्टेटरशिप का नतीजा था जो शेख हसीना ने बंगलादेश पर थोपी थी.
वर्ष 1977 में जनरल जियाउर रहमान ने शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद सत्ता संभाली और 1981 तक राज किया. वे व उन की पार्टी भारत और हिंदू विरेधी थे. उन दिनों भारत में भारतीय जनता पार्टी ने राममंदिर का मसला उठा दिया था और भारत के अल्पसंख्यक मुसलमान भयभीत रहने लगे थे कि हिंदूवादी पार्टी सत्ता में न आ जाए. वर्ष 1990 में भारत में मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू किए जाने के बीच उभरे दंगों ने भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती पहुंच साबित कर दी थी, उधर बंगलादेश में जियाउर रहमान की हत्या के बाद उन की पत्नी खालिदा जिया को बंगलादेश में जगह मिल गई.
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