ड्रग्स और सिगरेट की तरह शराब भी जानलेवा होती है पर शराब के व्यापारियों को इस साजिश में विशेषज्ञता हासिल है कि उन्होंने लगभग सारी दुनिया में इस जानलेवा नशे को रोजमर्रा के जीवन की जरूरत बनवा दिया है. हाल यह है कि भारत जैसे पुरातनपंथी देश में भी बच्चों के जन्मदिन के मौकों पर अब बड़ों को खुलेआम शराब परोसना फैशन या शान नहीं, बल्कि जरूरत समझी जाती है.

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