देश का इकलौता त्योहार है दीवाली कि जब घर की साफसफाई और सजावट पर जोर दिया जाता है. होली जैसे त्योहार तो घर का रंगरूप ही बिगाड़ देते हैं. ऐसे में जब इस त्योहार का आधार ही घरों को नया रंगरूप दे कर सजाना हो तो क्यों न सजावट को नए रचनात्मक आयाम देते हुए कुछ खास किया जाए. घर की सजावट 2 मोरचों पर करनी जरूरी है. पहला सफाई के मोरचे पर और दूसरा सजावटी सामान के सहारे उसे नया लुक देने के मोरचे पर. जाहिर है इस दिन हर कोई चाहता है कि उस का आशियाना चांद की तरह चमके. हालांकि अगर सही समझ और तरीकों को न आजमाया जाए तो यह सजावट कई बार आप की जेब पर भारी भी पड़ सकती है. इसलिए हम आप को बता रहे हैं सजावट के कुछ नए, सस्ते और रचनात्मक ठिकाने जिस से आप के घर का ‘दीवाली मेकओवर’ हो जाए.

सजावट का साजोसामान

घर की सजावट को सिर्फ सफाई, बैडशीट, कुशन बदलने या बिजली की झालरें लगाने तक सीमित मत रखिए,  बाजार जाइए और इस के लिए थोड़ी सी मेहनत व जेब ढीली करनी पड़े तो संकोच मत कीजिए. सजावट के लिए जरूरी सामान की बात करें तो इस में कैंडल्स, फूल, रंगगुलाल,  दीए,  बंदनवार, रंगोली, लाइटिंग के अलावा घर के इंटीरियर के लिए रंगीन कुशंस, परदे, प्लांट्स और रंगबिरंगी इलैक्ट्रिक झालरें प्रमुख तौर पर काम आती हैं. इन के इर्दगिर्द ही घर की सारी साजसज्जा सिमटती है.  जरूरी नहीं है कि घर की सजावट में सिर्फ नई चीजें ही इस्तेमाल की जाएं, कुछ पुरानी और विंटेज कलैक्शन टाइप चीजें भी आप के आशियाने को नया आकर्षण दे सकती हैं.

कहते हैं कि पहला इम्प्रैशन ही आखिरी इम्प्रैशन होता है. अगर आप भी अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों की नजर में अपने घर का इम्प्रैशन जरा जोरदार डालना चाहते हैं तो घर के मुख्यद्वार से शुरुआत कीजिए. घर के प्रवेशद्वार को आकर्षक बनाने के लिए आप फूलों या मिट्टी के सजावटी सामान इस्तेमाल कर सकते है. इस के अलावा रंगोली के साथ भी कई तरह के प्रयोग किए जा सकते हैं. फर्श का एक छोटा हिस्सा इस्तेमाल कर चाक से रंगोली का आकार बना सकते हैं. इस के बाद गुलाल के विभिन्न रंगों और चावलों से उसे सजाएं. चावलों को विभिन्न रंगों में रंग कर भी रंगोली बना सकते हैं. समतल रंगोली बनाएं, स्थान को अच्छी तरह धो कर सुखा लें. अगर आप को रंगोली बनानी नहीं आती तो मार्केट में रंगोली के बेहतरीन डिजाइनर खांचे मौजूद हैं. आप को सिर्फ उन में रंग भरना है. रेडीमेड रंगोली स्टिकर्स की भी बाजार में भरमार है. रंगोली पर कुछ दीये रखना बिलकुल न भूलें. द्वार पर रंगबिरंगी विंड चाइम भी लगा सकते हैं. यह उत्सव के माहौल को संगीतमय बनाने के लिए काफी हैं. गमलों या बरतनों में पानी भर कर उस में फूल डाल कर सजा सकते हैं.

इंटीरियर की बारी

रंगरोगन करवाने भर से घर की चारदीवारी और इंटीरियर चमक उठता है. अगर आप किसी वजह से घर में पेंट नहीं करवा पाए हैं तो सब से अच्छा तरीका है वालपेपर्स और पेंटिंग्स. अपनी पसंद और रंग के वालपेपर्स और पेंटिंग्स के जरिए आप घर को नई थीम भी दे सकते हैं. मानो आप को समंदर बहुत पसंद है. सो, आप बीच पेंटिंग्स या बीच कलर के वालपेपर्स से घर की दीवारें सजाएं और घर को बीच थीम में रंग कर नया माहौल बना सकते हैं. फर्नीचर में सोफा, कुरसी और परदों के साथ भी कई रचनात्मक प्रयोग कर सकते हैं. मसलन, ऐंटिक लुक का फर्नीचर खरीद लें. डिजाइनर और नक्काशीदार आर्टिफेक्ट्स से ड्राइंगरूम को सजाएं.

इंटीरियर डिजाइनर अंकित जैन के मुताबिक, दीवाली में घर के साथ न्यू थीम, विंटेज लुक और लाइट इफैक्ट चलन में हैं. फिलिप्स कंपनी ने तो रिमोट कंट्रोल्ड लाइट भी बाजार में उतारी हैं जिन में घर के मूड के हिसाब से दीवारों और कमरे का रंग बदलने वाली लाइट्स होती हैं. इस में मैचिंग का विशेष ध्यान रखें. बहुत चटक या चुभने वाले रंग न हों. बैड, अलमारी और आईने के लिए अलगअलग लाइट रखें. लिविंगरूम में फोकल लाइटिंग का इस्तेमाल करें. घर के किसी कोने को उभारने के लिए फेयरी लाइट्स बेहतर हैं. 

दिल्ली के जनपथ, खानपुर बाजार और हौजखास में आप के मतलब का सामान मिल जाएगा. अगर अलगअलग राज्यों की थीम पर घर सजाने का इरादा है तो दिल्ली में कई राज्यों के एंपोरियम हैं. घर के पायदान बदल कर नए लगाएं, सोफे के कुशनकवर बदलें, फर्नीचर को रिअरेंज करें,  घर के इनडोर प्लांट्स के गमले पेंट करें,  परदों का कौम्बिनेशन और कलर थीम बदलें, किचन को मौड्यूलर अंदाज में सजाएं. घर के लिविंगरूम की सजावट के लिए सोफे या अन्य फर्नीचर के ऊपर की तरफ शेड लगा कर दीवार पर आर्ट वर्क कर सकते हैं. आजकल पेपरवर्क, पेपरपेस्टिंग बहुत ज्यादा चलन में हैं. अपने घर के फर्श पर आर्टिफिशियल फ्लोरिंग भी करवा सकते हैं. पुराने परदों के रंग से मेल खाते रिबन या गोटे से उन्हें सजा सकते हैं.

छोटे बजट में मोटी शौपिंग   

दवाली पर सब से ज्यादा उत्साह घर को सजाने के लिए सामान की खरीदारी को ले कर भी रहता है. बच्चे अपने कमरे के लिए डिस्को लाइट चाहते हैं जबकि घर के बड़़े म्यूजिकल फाउंटेन पर जोर देते हैं. अगर दिल्ली में हैं तो शौपिंग लोकल मार्केट के बजाय चांदनी चौक, करोल बाग, कनाट प्लेस, दिल्ली हाट, कृष्णा नगर, लाजपत नगर और सदर बाजारों जैसे थोक बाजार से करें. इस के कई फायदे हैं. पहला तो यह कि सामान की वृहद वैरायटी मिलेंगी और दूसरा, अन्य जगहों के मुकाबले यहां जेब कम ढीली करनी पड़़ेगी. सजावटी कैंडल्स जहां 30 से 350 रुपए के बीच आसानी से मिलती हैं वहीं रंगोली के पैटर्न स्टिकर्स आप को महज 15 से 20 रुपए में आसानी से मिल जाएंगे. इस के अलावा सजावट की झालरें और कैंडल भी 60 रुपए से शुरू हो कर 800 रुपए तक आसानी से उपलब्ध हैं. दीवारों पर लगाने के लिए चाइनीज 3डी पेंटिंग्स भी 40 रुपए से ले कर 500 रुपए तक खरीदी जा सकती हैं.

कमरों में छोटेबड़े आकार के कुशन एथनिक लुक देते हैं. आजकल यहां मिरर वर्क, कढ़ाई, बीड वर्क, एप्लिक वर्क, डोरी वर्क आदि सामान ट्रैंड में हैं जो 100-500 रुपए के बीच आसानी से मिल जाते हैं. दीवाली पर झालर न लें, ऐसा हो ही नहीं सकता. अगर साइज को ले कर दिक्कत है तो घबराएं नहीं, इस का भी हल है. बाजार में छोटे से ले कर बड़े घरों को डैकोरेट करने के लिए लंबाई के आधार पर पहले से सैट की हुई झालरें मौजूद हैं जो करीब 800 रुपए से 1,500 रुपए में उपलब्ध हैं. चीनी सामानों में आजकल एलईडी प्रोडक्ट ज्यादा मिल रहे हैं, मसलन म्यूजिकल लाइट ट्री. इस बार जो प्रोडक्ट आप को पहली झलक में पसंद आ सकता है, उस में पहला नाम म्यूजिकल लाइट ट्री का ही है. करीब 3 से 4 फुट लंबे म्यूजिकल ट्री को आप अपने लिविंगरूम में लगा सकते हैं. ये 400 से 500 रुपए में मिल जा जाते हैं. इसी तरह सदर बाजार में ग्लोब, लोटस, या फुटबौल की शेप लिए शोपीस में रंगबिरंगी एलईडी लाइट्स का प्रयोग किया आइटम मिल रहा है. इन की लाइट्स अलग दिशा और स्पीड में रोटेट करती हैं. कीमत 300 से 500 रुपए के बीच ही है. कंदील जहां आप को 150 रुपए से 250 रुपए के बीच मिल जाएगा वहीं  रंगबिरंगी रोशनी देने वाली ये झालरें 80 रुपए से ले कर 500 रुपए तक में मिल जाएंगी.

डीएलएफ फेज फोर स्थित गैलेरिया मार्केट में दीवाली की जबरदस्त सजावट की गई है. यहां से भी खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि यहां पर देसी दीये से ले कर इलैक्ट्रिकल दीये, तोरण, बंदनवार, गिफ्ट, गिफ्ट पैकिंग की विभिन्न वैरायटी, इलैक्ट्रौनिक से ले कर क्रिस्टल गिफ्ट आइटम, फूलों से ले कर चादर, सोफाकवर, कुशनकवर आदि की बड़ी रेंज मौजूद हैं. इसी तरह शहर के गोल्फ कोर्स रोड स्थित सैंट्रल प्लाजा और सुशांत लोक स्थित सुपर मार्ट वन में घरों की सजावट के सामान से ले कर दीवाली गिफ्ट तक की पूरे रेंज उपलब्ध हैं.

कुल मिला कर इस दीवाली पर आप अपने घर को बिना किसी इंटीरियर डिजाइनर की मदद के भी रंग, रोशनी, और फूलों से न सिर्फ महका सकते हैं बल्कि इस दीवाली को सजावट के खास अंदाज से कुछ अलग और यादगार भी बना सकते हैं.

घर में लाएं रौनक

–       सजावट के कुछ सामान जैसे शोपीस आइटम्स और भारी लाइट्स किराए पर भी ले सकते हैं.

–       दरवाजों को ट्रेडिशनल लुक देने के लिए बंदनवार या बिजली की झालर भी लगाई जा सकती हैं.

–       ईकोफ्रैंडली सजावट करें और ईकोफ्रैंडली पटाखे खरीदें.

–       मिट्टी के दीये जलाएं और और्गेनिक गिफ्ट्स दें.

–       घर में प्रवेश करते ही सामने एक्वेरियम लगाएं.

–       एक एंटीक से बड़े बरतन में मिट्टी के दीये जलाए जा सकते हैं.

–       कढ़ाई, बीड वर्क, एप्लिक वर्क, डोरी वर्क आदि सामान ट्रैंड में हैं, इन्हें इस्तेमाल करें.

–       रंगोली के खांचे और बंदनवार पड़ोसी से अदलबदल कर नए लेनें से बचें.

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