कई मामले ऐसे होते हैं, जिन में कत्ल के बाद भी कातिल का गुस्सा लाश पर उतरता है, ऐसा ही इस मामले में भी हुआ था. उस दिन तारीख थी 15 मार्च, 2019. जगह बठिंडा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशकंवलजीत सिंह बाजवा की अदालत. बाजवा साहब की अदालत में उस दिन एक ऐसे अपराध का फैसला सुनाया जाना था, जिस में अपराधियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर दी थीं. यह एक ऐसा अपराध था, जिसे सुन कर लोगों की रूह तक कांप उठी थी. अपराधियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाने में पुलिस ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी.

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