उत्तरीपश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा के रहने वाले प्रवीण कुमार अग्रवाल केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) में इंजीनियर थे. सन 1957 से 1985 की सेवा के दौरान उन की पोस्टिंग देश के विभिन्न शहरों के अलावा लीबिया और नेपाल में भी रही. नौकरी से रिटायर होने के बाद वह अपने परिवार के साथ खुशी से अपनी बाकी की जिंदगी गुजार रहे थे. लेकिन पिछले कई महीनों से वह कुछ ज्यादा ही परेशान थे. अपनी परेशानी की वजह उन्होंने अपने बहूबेटों को भी नहीं बताई. वह उस परेशानी को ले कर अंदर ही अंदर घुट रहे थे. 82 साल के प्रवीण अग्रवाल की समझ में नहीं आ रहा था कि वह अपनी इस समस्या का कैसे समाधान करें.

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