प्यार नहीं वासना : भाग 1

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कविन ने कविता का निखरानिखरा रूप देखा तो बोला, ‘‘भाभी, आज तो आप अप्सरा सी सुंदर लग रही हो. काश! आप जैसी सुंदर बीवी होती तो मैं ताउम्र के लिए दिल में छिपा लेता. लगता है कुलदीप भैया को आप के बजाए अपनी नौकरी से ज्यादा प्यार है.’’

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