क्या आप अकेले है? मुझसे दोस्ती करोगे ? इस तरह के प्रश्न आपके लिए भारी पड़ सकता है. जी हां अगर आपका उत्तर हां होता है, आप चंद लोगों से दोस्ती कर अपने अकेलेपन और गम को बाटना चाहते हैं, तो यह सब आप पर भारी पड़ सकता है. जरा सोच समझ कर जवाब दीजियेगा हो सकता है ,एक जिज्ञासा आपको परेशान करने के लिए काफी हो सकता है. जी हां यह सच है. कई अखबारों के विज्ञापन में,साइबर दुनिया के कई साइडों पर लगे विज्ञापन एवं आपके मोबाइल पर आया कोई सन्देश आपके अकेलेपन को दूर करने के लिए नहीं होता, बल्कि इनका उद्देश्य एक निश्चित योजना के नाम पर लोगों को लूटना होता है. दोस्ती के पावन रिश्ते को ये अपने व्यवसाय का रूप दे कर आधुनिक काल में दोस्ती के बदलते स्वरुप का कुछ हद तक चित्रण करने कि कोशिश कर रहे है.  तो जरा संभल कर अकेलेपन को दूर करने कि कोशिश कीजियेगा .

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