कहते हैं, थोड़ी सी चूक हमें दर्द दे जाती है और यही चूक, बुढ़ापे में हो जाए, तो आदमी, न घर का रहता है ना घाट का. आज हम आपको बताने जा रहे हैं बुढापे में शादी के मजे और उसके बाद मिलने वाली दर्द की, सजा की  सच्ची घटना . हम बुढ़ापे के विवाह की खिलाफत नहीं कर रहे हैं मगर सावधानी हटी, दुर्घटना घटी की कहावत आपको याद दिलाना चाहते हैं.

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