मरीजों को चढ़ाया जाने वाला खून कितना महफूज और खरा है  बिहार में इसकी कोई गारंटी नहीं है. सीतामढ़ी जिला के सरकारी अस्पताल में पिछले साल 2200 लोगों ने खुद को स्वस्थ बता कर अपने ही बीमार सगे-संबध्यिों को खून ब्लड बैंक को दिया था. खून की जांच के बात पता चला कि उनमें 75 लोगों का खून एचआईवी और हेपेटाइटिस से संक्रमित थे. संक्रमित खून को किसी मरीज को चढ़ाना उसके लिए जानलेवा ही साबित होता है.

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