उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मन लखनऊ में नहीं लगा, तो वे मध्य प्रदेश चले आए और बुंदेलखंड इलाके के मंदिरों में रामलला की शरण में जाने के अलावा अपनी बातों से यह जताने की भी कोशिश करते रहे कि वे हिंदू ही हैं. खामखां भाजपा उन्हें बदनाम करती रही है. भगवान की शरण में जाने से शांति और संतुष्टि मिलती है, यह अखिलेश को करारी हार के बाद समझ आ रहा है. यही बात वे वक्त रहते समझ लेते, तो शायद बात जरा कम बिगड़ती.

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