1. पड़ोसियों के दुखसुख में अवश्य साथ रहें. जरूरत के वक्त उन की सहायता करें. पर इस का अर्थ यह नहीं कि हर समय उन के हर काम में दखलंदाजी करते रहें, उन के घर में जरा सा ऊंचा बोल सुनते ही वहां हाजिर हो जाएं. यानी जब उन्हें सहायता की आवश्यकता हो तभी सहायता करें. अनावश्यक रूप से पड़ोसियों के यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अच्छे पड़ोसी का परिचायक नहीं है.
  2. रात को सोने से पहले सूची बनाइए कि आप ने काम टालने की कितनी बार कोशिश की. इस कोशिश के आगे उस का कारण लिखिए. लगभग एक माह ऐसा कीजिए. इस तरह भगोड़ेपन तथा बहानेबाजी की अपनी आदत को समझिए और कम कीजिए.
  3. हंसने वाला व्यक्ति स्वस्थ मानसिकता का व्यक्ति माना जाता है. अगर हंसने की आदत न हो तो हंसने के बनावटी तरीके अपनाएं. धीरेधीरे स्वाभाविक हंसना जान लेंगे.
  4. सफर के दौरान मोबाइल पर किसी को अपने घर का पता न बताएं. इस से यह नुकसान हो सकता है कि पास में बैठा यात्री इसे सुन कर गलत फायदा उठा सकता है.
  5. जो व्यक्ति हमेशा उत्साहित रहते हैं उन से दोस्ती करें. उन की काम करने की शैली को समझें और उसे स्वयं भी अपनाएं.
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