अमीरगरीब
कंजूस अपनेआप को गरीब दिखातेदिखाते धनी बन जाता है और मुक्तहस्त व्यक्ति अपनेआप को अमीर दिखातेदिखाते निर्धन हो जाता है.
प्रसिद्धि
संसार में प्रसिद्धि हवा के जैसी है जो कभी इधर बहती है तो कभी उधर, और दिशा बदलने के साथ ही नाम भी बदल देती है.
निर्णयात्मक शक्ति
अपनी निर्णयात्मक शक्ति को मजबूत बनाने का एक ही तरीका है - उस से अधिक से अधिक काम लेना.
मालिक
अगर तुम मालिक हो तो कभीकभी अंधे बन जाओ, अगर नौकर हो तो कभीकभी बहरे हो जाओ.
वीरता
वह व्यक्ति कभी बहादुर नहीं हो सकता जो कष्टों को जीवन की सब से बड़ी बुराई समझता है.
कार्य
वह काम करना ठीक है जिसे कर के पछताना न पड़े और जिस के फल को प्रसन्नमन से भोग सकें.
सोचविचार
सावधानी और सोचसमझ कर किया हुआ काम डर से छुटकारा दिलाता है.
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