पूर्वोत्तर राज्यों से आफस्पा हटाने की मांग को ले कर 16 साल तक अनशन करने वाली ईरोम शर्मिला की छवि एक अव्यावहारिक महिला की बन चुकी है. उन के अनशन से आफस्पा का तो कुछ नहीं हुआ लेकिन आयरन लेडी के खिताब से नवाजी गईं शर्मिला की हिम्मत जरूर टूट गई. ईरोम ने अब अपनी एक क्षेत्रीय पार्टी पीपल्स रिसर्जेंस ऐंड जस्टिस एलायंस नाम से बना ली है. इस की प्रेरणा तय है उन्हें अरविंद केजरीवाल से मिली जो यों ही समाजसेवा करतेकरते दिल्ली की कुरसी पर काबिज हो बैठे. ईरोम के साथ कई दिक्कतें हैं जिन में प्रथम यह है कि उन का कोई जनाधार नहीं है. दूसरे, वे सीधेसीधे मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबे की परंपरागत सीटों खुरई या थोबल से चुनाव लड़ेंगी. इस घोषणा से उन के करीबी बिदकना शुरू हो गए हैं. ऐसे में लगता नहीं कि वे मणिपुर की राजनीति में कोई उल्लेखनीय उठापटक कर पाएंगी.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन