छोटी बचत करने वाले जमाकर्ताओं को केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा तोहफा दिया है. वित्त मंत्रालय ने आठ तरह की लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 0.4 फीसदी का इजाफा किया है. इससे डाकघर और बैंकों में छोटी बचत योजनाएं चलाने वाले ग्राहकों को बड़ा फायदा मिलेगा.

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं. इसके तहत ब्याज दरों में 0.3 प्रतिशत से लेकर 0.4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जो एक अक्तूबर 2018 से 31 दिसंबर 2018 तक प्रभावी रहेंगी.

बढ़ी हुई ब्याज दरें पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाओं पर लागू होंगी. यह निर्णय लघु बचत को प्रोत्साहित करने और वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चियों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है. लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही आधार पर संशोधित किया जाता है. हालांकि, सरकार ने बचत जमा के लिए ब्याज दरों में कोई संशोधन नहीं किया है और इसे चार प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है.

कई साल बाद बढ़ोतरी

एनएससी, पीपीएफ जैसी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी करीब सात साल बाद की गई है. कई लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें एक अप्रैल 2012 से लगातार कम हो रही थीं. इससे पहले जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए एनएससी,पीपीएफ समेत लघु बचत की अन्य योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था.

आठ तरह की योजनाओं पर असर होगा

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना

पांच साल की इस योजना पर ब्याज दर को 8.3% से बढ़ाकर 8.7% किया गया है. इसका तिमाही आधार पर भुगतान होता है.

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