मौनसून का संबंध सीधे खेती से जोड़ा जाता है. स्वाभाविकरूप से मौनसून की अच्छी बारिश खेतों में हरियाली लाती है और किसान को खुशहाल बनाती है. लेकिन इस बार की बारिश दोपहिया वाहन खासकर मोटरसाइकिल निर्माता कंपनियों के लिए ज्यादा उम्मीदें ले कर आई है. इस का असर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिखना भी शुरू हो गया है. इस तिमाही में दोहिया वाहनों की बिक्री 17 फीसदी बढ़ी है. इस बढ़ोतरी की वजह मौनसून की अच्छी बारिश को माना जा रहा है. कुछ साल से लगातार पड़ रहे सूखे के कारण किसानों में मायूसी छा गई थी. लेकिन इस बार अच्छी बारिश से उन के खेत लहलहा रहे हैं और अच्छी आमदनी के कारण वे दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं.

किसानों में दोपहिया वाहनों में मोटरसाइकिल ज्यादा लोकप्रिय है. इस की वजह है कि स्कूटर के मुकाबले वह ज्यादा लोगों को खींच सकती है और उस में दूध के डब्बे, अनाज के थैले जैसे सामान ढोए जा सकते हैं. यह गांव के कच्चे रास्तों पर शान की सवारी का प्रतीक होती है और गांव का हर किसान मोटरसाइकिल सवारी की हसरत अवश्य रखता है.

पहली तिमाही में सब से ज्यादा 16 फीसदी बढ़ोतरी भी मोटरसाइकिल की बिक्री से हुई है. एक जमाने में गांव की सवारी साइकिल ही हुआ करती थी लेकिन अब उस की जगह मोटरसाइकिल ने ले ली है. स्कूटरों की अच्छी मांग है और स्कूटर की जगह बिना गियर वाली स्कूटी का प्रचलन बढ़ रहा है, लेकिन मोटरसाइकिल की शान कुछ अलग ही मानी जाती है.

पहली तिमाही में ग्रामीण इलाकों में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 17 फीसदी की बढ़ोतरी को देखते हुए निर्माता कंपनियां ग्रामीणों का मूड भांप चुकी हैं और उस के अनुरूप वे अपने उत्पादों को ज्यादा आकर्षक बनाने में जुट गई हैं.

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