गंभीर हो चुकी कॉल ड्रॉप की समस्या से उपभोक्‍ताओं को निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में सरकार ने इंटीग्रेटेड वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) की शुरुआत की है. इसके माध्यम से सरकार ग्राहकों से सीधे कॉल की गुणवत्ता के बारे में प्रतिक्रिया लेगी.

एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि सरकार इस पर मिलने वाली प्रतिक्रिया टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा करेगी, जिससे वह सुधारात्मक कदम उठा सकें. इस प्रणाली को जल्द ही पूरे देश में शुरू किया जाएगा.

उपभोक्ताओं को 1955 नंबर से एक कॉल आएगा, जिसमें उनसे उनके इलाके में कॉल ड्रॉप की समस्या को लेकर सवाल पूछे जाएंगे. इसके अलावा अगर उपभोक्ता कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे हैं, तो वे इसी नंबर पर अपने एरिया की लोकेशन के साथ एसएमएस भेज सकेंगे, जिससे उनके एरिया में कॉल ड्रॉप की समस्या को सुलझाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें.

टेलिकॉम विभाग ने कॉल ड्रॉप की समस्या से निपटने के लिए जून 2016 से अक्टूबर 2016 के बीच 1,30,000 अतिरिक्त बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) लगाए हैं. इसके अलावा मार्च 2017 तक 1,50,000 अतिरिक्त बीटीएस लगाने की योजना है. पिछले महीने टेलिकॉम कंपनियों के मालिकों के साथ बैठक के बाद मनोज सिन्हा ने कहा था कि वह जल्द ही कॉल ड्रॉप की समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे.

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