भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 1 फरवरी 2019 को 2019-20 का आम बजट पेश कर दिया. इस बजट में किसानों को लुभाने के लिए तमाम तरह की योजनाएं हैं. इन योजनाओं का खाका ऐसा तैयार किया गया है कि किसानों को भी खुश होने का मौका मिल सके.

अंतरिम बजट पेश करते हुए कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ चालू की गई है. इस के तहत 3 किस्तों में हर साल किसानों के खाते में सीधे 6,000 रुपए हस्तांतरित किए जाएंगे. इस के तहत 2,000 रुपए प्रति फसल यानी 3 फसलों के लिए दिए जाएंगे. यह योजना दिसंबर, 2018 से ही मान्य होगी यानि आम चुनाव से पहले ही तमाम किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा.

इस बजट में ये योजनाएं गांव, गरीब और मिडिल क्लास को ध्यान में रख कर बनाई गई हैं. इस तरह इन योजनाओं से तकरीबन 26 करोड़ नौकरीपेशा, किसानों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए 3 ऐलान कर के 130 करोड़ लोगों का दिल जीत लिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट पेश होने के बाद कहा कि हमारी सरकार समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है. इस से किसानों को मजबूती और मजदूरों को सम्मान मिलेगा वहीं लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट सभी के लिए है और अच्छा है.

वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है. मोदी सरकार ने अपने हर फैसले से सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है, वहीं उन्होंने इस बजट को किसानों के लिए मील का पत्थर बताया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मैं हर साल किसानों के खाते में 6,000 रुपए डाले जाने के फैसले का स्वागत करता हूं. इस से पिछड़े किसानों की माली हालत में सुधार आएगा.

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वे लोग जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठते हैं वे छोटे किसानों की समस्याएं कैसे समझ सकते हैं. हम ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ चालू की है. यह एक ऐतिहासिक फैसला है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि किसानों, मिडिल क्लास, गरीबों और महिलाओं समेत यह बजट समाज के हर तबके के लिए हितकारी है. यह बजट ‘न्यू इंडिया’ के सपने को पूरा करने में मदद करेगा.

लेकिन इस बजट पर कांग्रेस का कहना है कि यह एक चुनावी जुमला बजट है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर कहा कि डियर नमो, आप के घमंड से भरे 5 सालों में हमारे किसानों की ङ्क्षजदगी बरबाद कर दी. उन्हें केवल 17 रुपए प्रतिदिन दे कर उन का अपमान किया गया है. इस पर पीयूष गोयल ने कहा कि यह किसानों का सम्मान है, अपमान नहीं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस बजट को वित्त विभाग के अधिकारियों को पूछ कर तैयार किया गया था या पिर आरएसएस को? इस बजट में नरेंद्र मोदी ने किसानों को कौटन कैंडी थमाई है.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस सरकार की ऐक्सपायरी डेट आ गई है. किसी भी दवा के ऐक्सपायर होने के बाद उस की क्या कीमत रह जाती है?

स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि जातेजाते यह सरकार किसानों को ठग गई.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का मानना है कि मुझे मंत्रियों और प्रधानमंत्री से यह जानना है कि किसानों की समस्याओं के लिए क्या किया गया. इन्होंने बेरोजगार नौजवानों के लिए क्या किया? वही हमारा भविष्य हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बजट किसानों, मजदूरों, औरतों और मिडिल क्लास के लिए एक गिफ्ट की तरह है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, ‘एक साल के बजट में 10 साल आगे की झूठी बात है. भूमिहीन किसानों व श्रमिकों के लिए इस में कुछ भी राहत नहीं है. 5 सालों की प्रताडऩा और पीड़ा के बाद देश के किसान, व्यापारीकारोबारी, बेरोजगार नौजवान अब भाजपा से नजात पाना चाहते हैं, दिखावटी ऐलान नहीं.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह पूरा बजट एक तरह का फुस्स पटाखा है. हम ने केवल एक ही चीज अच्छी देखी कि मिडिल क्लास को टैक्स से राहत मिली है. किसानों को 6,000 रुपए हर साल की मदद यानी 500 रुपए हर महीने पर आ कर टिकती है. क्या यह राशि उन्हें सम्मान से जीने देने के लिए काफी है?

भाजपा सरकार ने हर तबके के लिए बहुत बड़ीबड़ी घोषणाएं की हैं तो वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह ‘थोथा चना बाजे घना’ वाला बजट है.

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