बॉलीवुड को लोग रंगीन दुनिया के नाम से जानतें हैं, यह वो जगह है जहां हर कोई अपनी किस्मत आजमाने पहुंचता है, लेकिन सफल उनमें से कुछ ही हो पाते हैं. हर साल हजारों लड़कियां इंडस्ट्री में एक्ट्रैस बनने की चाह से आतीं हैं. 50 और 60 के दशक में भी कई लड़कियां फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए यहां पहुंचती थीं लेकिन यह रास्ता इतना आसान नहीं था, जितना लोग समझते थे.

हाल ही में 1951 के दौरान बंद दरवाजे के पीछे होने वाले बॉलीवुड ऑडिशन की हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिसे  देख आप चौंक जाएंगे. ये तस्वीरें फोटो जर्नलिस्ट जेम्स बुरके ने तब खींची थीं, जब डायरेक्टर अब्दुल राशिद करदार अपनी फिल्म के लिए एक भारतीय व एक विदेशी लड़की का ऑडिशन ले रहे थे. इस दौरान डायरेक्टर अदाकाराओं को छू छू कर देख रहें थे. वहीं अदाकारा के कपड़े उतरवा रहे डायरेक्टर की ये हरकत काफी शर्मनाक लग रही है.

अब्दुल राशिद करदार का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को लाहौर में हुआ था. उन्हें ए आर करदार के नाम से भी जाना जाता है. उनका उपनाम मियांजी था. करदार को लाहौर के फिल्म उद्योग का जनक भी माना जाता है. बंटवारे के समय वो भारत आ गए और मुंबई में आकर बॉलीवुड से जुड़ गए. करदार ने अपने प्रोडक्शन में 40 से 60 के दशक के बीच कई यादगार फिल्में बनाईं. करदार ने अपने करियर की शुरुआत विदेशी फिल्मों के लिए कैलिग्राफी द्वारा पोस्टर बनाने से की थी.

साल 1928 में करदार ने फिल्म डॉटर्स ऑफ टुडे और 1929 में हीर रांझा में बतौर एक्टर काम किया. करदार ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म 1929 में हुस्न का डाकू बनाई थी. करदार ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से कई कलाकारों को इंट्रोड्यूस करवाया. इनमें नौशाद, मजरूह सुल्तानपुरी और सुरैया जैसी हस्तियां शामिल हैं. इंडस्ट्री के मशहूर गायक मोहम्मद रफी को करदार ने ही अपनी फिल्म दुलारी के गीत 'सुहानी रात ढल चुकी' गाने का मौका दिया था.

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