करण जोहर अपनी फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ के बाक्स आफिस कलेक्शन को लेकर खुश हो रहे हैं. उनकी फिल्म ने महज तीन दिन यानी कि वीकेंड में ही फिल्म की लागत का आधा हिस्सा वसूल कर लिया. तीन दिन के अंदर इस फिल्म ने बाक्स आफिस पर विदेशों में 41 करोड़ पांच लाख रूपए तथा भारत में 35 करोड़ साठ लाख रूपए एकत्र किए. मगर मशहूर गायक मो. रफी के बेटे शाहिद रफी ने करण जोहर पर अपने पिता का अपमान करने का आरोप लगाया है. वास्तव में फिल्म में एक जगह रणबीर कपूर से अनुष्का शर्मा कहती हैं-‘‘मो.रफी गाते नहीं रोते थे.’’ शाहिद रफी का मानना है कि इस संवाद द्वारा करण जोहर ने उनके पिता का अपमान किया है.

मुंबई के एक अंग्रेजी दैनिक के से बात करते हुए मो. रफी के बेटे शाहिद रफी ने कहा-‘‘इस संवाद की वजह से फिल्म की कहानी न आगे बढ़ती है और न ही पीछे जाती है. इस संवाद की वजह से फिल्म की कहानी पर कोई असर नहीं होता. तो फिर इस संवाद को रखने की वजह क्या थी. क्या यह संवाद लिखते समय या लिखने के बाद उन्हे अहसास नहीं हुआ कि वह किस महान गायक की बात कर रहे हैं. मेरे पिता के देहांत के 36 वर्ष बाद भी बौलीवुड के किसी भी गायक के मुकाबले मेरे पिता मो.रफी के प्रशंसकों की तादात आज भी सबसे ज्यादा है. मेरे पिता विनम्र और संगीत के इंस्टीट्यूट थे. लोग उनकी पूजा करते हैं. अब तक किसी ने भी मेरे पिता के खिलाफ अपशब्द नहीं कहे. पर करण जोहर ने अपमान किया है. जिसने यह संवाद लिखा वह मूर्ख है. मेरे पिता ने शम्मी कपूर, राजेंद्र कुमार, ज्वाय मुखर्जी, विश्वजीत जैसे महान कलाकारों के लिए गाया है. कम से कम करण जोहर से इस तरह की उम्मीद नहीं थी. मेरे पिता ने करण जोहर के पिता यश जोहर की 1980 की फिल्म ‘दोस्ताना’ में भी एक गीत ‘मेरे दोस्त किस्सा यह क्या हो गया, सुना है कि तू बेवफा हो गया..’ गाया था. शायद करण जोहर पर शोहरत का नया कुछ ज्यादा ही चढ़ गया है.’’

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