बौलीवुड में गलत आंकडें दिखा कर अकसर फिल्में जबरदस्ती हिट दिखाई जाती हैं. ऐसा कर के वे अपना ही नुक्सान कर रहे हैं, जैसा कलकी के साथ हुआ है.

2023 में ‘जवान’ और ‘पठान’ ने जिस तरह से फेक बौक्स औफिस आंकड़े प्रचारित कर अपनी फिल्मों को सफल बताया था, उसी के चलते बाद में शाहरुख खान की ही फिल्म ‘डंकी’ के साथ जो कुछ हुआ, वह किसी से छिपा नहीं है. इस के बावजूद फिल्म निर्माता व कलाकार आज भी लोगों को मूर्ख ही समझते हैं. इसी का परिणाम है कि 2024 की छमाही के अंतिम सप्ताह यानी कि गुरूवार, 27 जून को प्रदर्शित नाग आश्विन लिखित व निर्देषित तथा प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण व अन्य कलाकारों के अभिनय से सजी 600 करोड़ की लागत में बनी फिल्म ‘‘कलकी 2898 एडी’’ को ले कर गलत बौक्स औफिस आंकड़े प्रचारित करने की अजीब सी होड़ लगी हुई है. इस में फिल्म के निर्माता, कलाकार, उन की पीआर और मार्केटिंग टीम के साथ ही चंद ‘समोसा क्रिटिक्स’ भी शामिल हैं.

हकीकत यह है कि नाग आश्विन की हिंदी सहित 5 भाषाओं में प्रदर्शित यह साइंस मैथोलौजिकल फिक्शन फिल्म ‘‘कलकी 2898 एडी’’ पूरी तरह से आतर्किक और रिग्रेसिव फिल्म है. फिल्म की कहानी ‘महाभारत’ काल से 6 हजार साल बाद यानी कि आज से 874 वर्ष बाद के वक्त की है.
फिल्मकार ने अपनी इस फिल्म के माध्यम से गलत तरीके से ‘महाभारत’ को लिखने का प्रयास किया है. यह कहीं नहीं लिखा है कि भगवान कृष्ण ने अश्वत्थामा से कहा था कि तुम्हारे माथे की मणि मेरे पास रहेगी और वह अमरत्व सुख भोगते हुए कलकी के रूप में उन के जन्म के समय मणि मिलने पर उन की अश्वत्थामा उन की रक्षा करेंगें. यह पूरी तरह से ‘महाभारत’ काल के खलनायकों का महिमा मंडन कर उन्हें हीरो बनाने का प्रयास है.

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