स्लीपिंग विद एनेमी. यानी जो आपका दुश्मन है, उसी के साथ मजबूरन सोने-रहने या सफर करने की दुविधा ही स्लीपिंग विद एनेमी कहलाती हैं. शंकर की मेगा-टेक अफेयर फिल्म 2.0 देखकर सबसे पहले इसी दुविधा से जूझना पड़ता है. एक तरफ यह फिल्म तकनीक/स्मार्टफोन के अतिप्रयोग के खिलाफ खड़ी है लेकिन वहीं दूसरी और इस फिल्म के निर्माण पक्ष के सारे स्तंभ तकनीकी दक्षता (vfx) पर टिके हैं.

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