Dating App Fraud: डिजिटल युग में डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया ने दोस्ती तथा जीवनसाथी तलाशने के रास्ते आसान कर दिए हैं, लेकिन इन के माध्यम से होने वाली ठगी भी गंभीर समस्या बनती जा रही है. आकर्षक तसवीरों, मीठी बातों और भावनात्मक विश्वास का सहारा ले कर कुछ लोग दूसरों को अपने जाल में फंसाते हैं. प्रयागराज की पल्लवी सिंह राजपूत और नोएडा की नंदिनी से जुड़ी घटनाएं इसी खतरे को उजागर करती हैं.

प्रयागराज के राहुल की मुलाकात डेटिंग ऐप टिंडर के माध्यम से पल्लवी सिंह राजपूत से हुई थी. दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फिर मुलाकातें होने लगीं. एक दिन पल्लवी ने राहुल को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में मिलने के लिए बुलाया. वहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने. राहुल को अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात आगे चल कर उस के लिए ब्लैकमेलिंग का कारण बन जाएगी.
अगले दिन पल्लवी ने राहुल से एक लाख रुपए मांगे. जब उस ने असमर्थता जताई तो पल्लवी ने होटल के कमरे में बने निजी वीडियो भेज कर उसे बदनाम करने की धमकी दी. परिवार और समाज में प्रतिष्ठा खराब होने के डर से राहुल ने पैसे दे दिए, लेकिन इस के बाद उस की मांग बढ़ती गई. कभी 5 लाख तो कभी 10 लाख रुपए मांगे जाने लगे.

वीडियो वायरल करने और उस के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की धमकियां भी दी गईं.
लगातार आर्थिक नुकसान उठाने के बाद राहुल ने पुलिस से संपर्क किया. उस ने बातचीत, भुगतान की रसीदें, मोबाइल नंबर और धमकी भरे संदेश पुलिस को सौंपे. जांच के दौरान पल्लवी को कंपनी बाग में रकम देने के बहाने बुला कर हिरासत में लिया गया.

पुलिस के अनुसार, उस के गिरोह में 2 महिलाएं और 2 पुरुष भी शामिल थे. पुरुष आरोपियों की पहचान मोहम्मद आलम और नूर आलम के रूप में हुई. पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने करीब 200 युवकों को निशाना बना कर लगभग 6 करोड़ रुपए की ठगी की थी. पल्लवी गिरफ्तार हुई, जबकि उस के अन्य साथियों की तलाश जारी थी. इन आंकड़ों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है.
दूसरी ओर, नोएडा की 32 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर नंदिनी शादी के लिए उपयुक्त जीवनसाथी तलाश रही थी. सहेली की सलाह पर उस ने एक औनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफार्म पर प्रोफाइल बनाई. वहां उस की बातचीत आर्यन नाम के युवक से शुरू हुई. उस ने खुद को प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत बताया और अपनी बातचीत से नंदिनी का विश्वास जीत लिया. वह रोज मैसेज भेजता और भविष्य में साथ घूमने तथा शादी करने के सपने दिखाता था.

हालांकि आर्यन लगातार वीडियो काल करने से बचता रहा. कुछ सप्ताह बाद उस ने अपनी मम्मी की बीमारी और बैंक खाते में परेशानी का बहाना बना कर नंदिनी से पैसे मांगे. उस की सहेली रिया ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति से नंदिनी कभी मिली नहीं और जिस ने वीडियो कौल तक नहीं की, उसे पैसे भेजने की इतनी जल्दी क्यों है?

नंदिनी ने पैसे भेजने से पहले वीडियो कौल की शर्त रखी, लेकिन आर्यन नाराज हो गया और बातचीत बंद कर दी.

बाद में तसवीरों की जांच से पता चला कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की तसवीरों का इस्तेमाल कर रहा था. उस ने नंदिनी को निजी जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी भी दी. नंदिनी ने सबूत सुरक्षित कर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस जांच में कथित तौर पर फरजी पहचान और आर्थिक ठगी का मामला सामने आया.

इन घटनाओं के साथ लेख में औनलाइन रिश्तों के जोखिमों पर भी प्रकाश डाला गया है. विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अंजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा न करें, वीडियो कौल और पहचान की पुष्टि करें, निजी तसवीरें तथा दस्तावेज साझा करने से बचें और औनलाइन परिचित को पैसे न भेजें.
पहली मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर ही करें और किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इस की जानकारी जरूर दें. औनलाइन डेटिंग अपने आप में गलत या खतरनाक नहीं है, लेकिन भावनात्मक आकर्षण में सावधानी छोड़ देना नुकसानदेह हो सकता है.

सच्चे रिश्ते की पहचान जल्दबाजी, दबाव या पैसों की मांग से नहीं, बल्कि समय के साथ बने विश्वास और व्यवहार से होती है. प्यार में सतर्कता पर ध्यान दें. इस के अलावा अंधविश्वास नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा का पूरा खयाल रखें. Dating App Fraud

लेखक – स्नेहा सिंह

 

 

 

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