Manipur Violence 2026: मणिपुर में एक बार फिर आग लग गई है. पिछले तीन साल से खूबसूरत राज्य खून में डूबा हुआ है. 310 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. 59 हजार से ज्यादा लोग अपने ही देश में बेघर हो चुके हैं और हजारों लोग राहत कैंपों में जानवरों जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं. घर जले हैं, बस्तीयां जली हैं, औरतों को निर्वस्त्र घुमाया गया है और बच्चों तक को मारा गया है. लेकिन दिल्ली में बैठी मोदी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है.
मणिपुर में पिछले तीन सालों से जो आग धधक रही थी वह अब और भयानक हो गई है. जलते हुए घर और राहत कैंपों में सिसकता बचपन. ये गाजा की तस्वीर नहीं है. यह डबल इंजन सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है. एक तरफ मणिपुर खून के आंसू रो रहा है और दूसरी तरफ दिल्ली में मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार की कुर्सी बचाने के लिए 40 हजार जवानों की फौज तैनात कर रही है.
मणिपुर में बीजेपी का मुख्यमंत्री है. केंद्र में बीजेपी की सरकार है. फिर भी तीन साल में यहां शांति बहाल नहीं कर पाए. क्यों? क्योंकि बीजेपी को मणिपुर में शांति चाहिए ही नहीं, सिर्फ वोट चाहिए, कुकी और मैतेई में बंटवारा चाहिए और यही बंटवारे की राजनीति ही बीजेपी का असली विकास मॉडल है. जब तक लोग आपस में लड़ते रहेंगे तब तक कोई रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल नहीं पूछेगा.
शर्म की बात तो यह है कि जब मणिपुर के लोग मदद के लिए चिल्ला रहे हैं तब मोदी सरकार दिल्ली में 40 हजार जवानों की फौज तैनात कर रही है. सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए, प्रोटेस्ट को कुचलने के लिए और लोकतंत्र को कुचलने के लिए. मतलब साफ है. बीजेपी के लिए मणिपुर की लाशों से ज्यादा कीमती ज्ञानेश कुमार की कुर्सी है.
प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर महीनों तक चुप्पी साधे रखी. विदेश यात्राएं होती रहीं. चुनावी रैलियां होती रहीं. मन की बात होती रही लेकिन मणिपुर की बात कभी नहीं हुई. जब सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई तब जाकर दो शब्द बोले गए. वो भी सिर्फ दिखावे के लिए. अगर यही हिंसा गुजरात या यूपी में हुई होती तो अब तक पूरी बीजेपी और उसकी गोदी मिडिया घड़ियाली आंसू बहा रहे होते.
आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि मणिपुर की 310 मौतों का जिम्मेदार कौन है? 59 हजार बेघर लोगों का जिम्मेदार कौन है? क्या ये डबल इंजन सरकार की नाकामी नहीं है? क्या ये देशद्रोह नहीं है कि अपने ही नागरिकों को मरने के लिए छोड़ दिया गया? क्या मणिपुर के लोग भारत के नागरिक नहीं हैं? या फिर बीजेपी के लिए नागरिक सिर्फ वही हैं जो बीजेपी को वोट देते हैं? Manipur Violence 2026




