Gyanesh Kumar Resignation: सांसदों को पुलिस द्वारा संसद मार्ग पर रोकने के बाद सभी सांसद सड़क पर ही बैठ कर धरना दे रहे हैं. यहीं से आगे चुनाव आयोग का मुख्यालय पड़ता है. प्रदर्शन कर रहे सांसदों के हाथों में ज्ञानेश कुमार को RSS की वर्दी में दिखाने वाले कटआउट हैं. सांसद “BJP है CEC है”, “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “Democracy not for sale” जैसे नारे लगा रहे हैं.

राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया है – “ज्ञानेश, अब बहुत हो गया भाई. इस्तीफा देने का समय आ गया है.” इस मार्च में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और CPI(M) नेता जॉन ब्रिटास समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हैं.

मार्च से पहले संसद और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था. सांसद संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा हुए और वहां से चुनाव आयोग के मुख्यालय, निर्वाचन सदन की ओर मार्च शुरू किया.

चुनाव आयोग की निष्पक्षता सवाल

मार्च से पहले विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई. विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी विश्वसनीयता पर अब कोई भरोसा नहीं है.

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पूरे देश को चुनाव आयोग पर भरोसा था. लोग इस संस्था को निष्पक्ष मानते थे और उस पर गर्व करते थे. लेकिन एक व्यक्ति ने इस भरोसे को तोड़ दिया है.

Form 6 को लेकर विवाद

विवाद Form 6 को लेकर है. यह वह फॉर्म है जिसके जरिए कोई व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करता है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान Form 6 के साथ ज्ञानेश कुमार ने मनमाने तरीके से एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी. विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस बदलाव को लेकर जो दावा किया, वह झूठा निकला है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कह दिया है कि इस सम्बन्ध में उससे कोई अनुमति नहीं ली गई. ऐसे में विपक्ष के सवाल और मजबूत हुए हैं.

गौतलब है कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा था कि Form 6 से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है, जबकि अदालत की टिप्पणी से यह बात गलत साबित हुई है. अब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त को “Cheating Election Commissioner” कह रहा है.

आयोग और विपक्ष आमने-सामने

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है. तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने की खबरों ने भी विवाद को और बढ़ाया है.

विपक्ष का कहना है कि मामला सिर्फ मतदाता सूची में बदलाव का नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उस पर जनता के भरोसे का है. इसी को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने आज 6 अक्टूबर 2026 को सड़क पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. बताते चलें कि यदि इस बीच ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर पहले से भी बड़ा आंदोलन शुरू करेगी. Gyanesh Kumar Resignation

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