Husband kills Wife: 26 जून, 2017 को अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 140वीं रथयात्रा के बाद हुई बारिश से साबरमती नदी का जलस्तर बढ़ गया था. अगले दिन सुबह रिवरफ्रंट पर गश्त कर रही फायर ब्रिगेड की मोटरबोट को नदी में एक युवती का शव तैरता दिखाई दिया. पुलिस ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया, लेकिन उस के पास कोई पहचान की चीज नहीं मिली. आसपास के थानों में सूचना देने, गुमशुदगी के रिकौर्ड खंगालने और अखबारों में खबर प्रकाशित कराने के बावजूद उस की पहचान नहीं हो सकी. सात दिन बाद लावारिस मान कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया और मामला बंद कर दिया गया.

करीब 9 साल बाद, जून, 2026 में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एसआई आर.सी. शर्मा को एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि नदी में मिली अज्ञात युवती वास्तव में कोमल सोलंकी थी, जिस की हत्या उस के पति मिनेश सोलंकी ने की थी. मुखबिर ने बताया कि हत्या के बाद मिनेश ने पत्नी की गुमशुदगी की झूठी सूचना दर्ज करा कर पुलिस को गुमराह किया था और बाद में दूसरी शादी कर के सामान्य जीवन जी रहा था.

सूचना की गंभीरता को देखते हुए इंसपेक्टर जेबलिया के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने पुराने रिकौर्ड खंगाले. कालूपुर थाने में दर्ज कोमल की गुमशुदगी की रिपोर्ट और रिवरफ्रंट पुलिस स्टेशन में मिली अज्ञात युवती की फाइल का मिलान किया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शव की तसवीरें कोमल के पिता को दिखाई गईं. तसवीरें देखते ही कोमल के पिता ने फूटफूट कर रोते हुए उस की पहचान अपनी बेटी के रूप में की. 9 वर्षों से जिस बेटी के लौटने की उम्मीद थी, उस की मौत की सच्चाई सामने आ गई.

इसके बाद पुलिस ने बिना भनक लगे मिनेश पर निगरानी शुरू की और उचित समय पर उसे हिरासत में ले कर पूछताछ की. शुरुआत में उस ने वही पुरानी कहानी दोहराई कि पत्नी घर छोड़ कर चली गई थी, लेकिन जब पुलिस ने सबूत और तसवीरें सामने रखीं तो वह टूट गया और हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया.

पूछताछ में मिनेश ने बताया कि उस का और कोमल का प्रेम विवाह हुआ था. शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच लगातार झगड़े होने लगे. कोमल के शक और घरेलू कलह से तंग आ कर उस ने पत्नी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया. 25 जून, 2017 को रथयात्रा के दिन वह कोमल को घुमाने के बहाने साबरमती रिवरफ्रंट ले गया. वहां उनके साझा मित्र भावेश को भी बुलाया गया, ताकि मामला सुलझाने का दिखावा किया जा सके.

रात गहराने पर भावेश कुछ दूरी पर चला गया. उसी दौरान मिनेश ने कोमल को नदी में धक्का दे दिया. कोमल बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन मिनेश ने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की. जब भावेश ने यह देखा तो मिनेश ने उसे जान से मारने की धमकी दे कर चुप करा दिया. अगले दिन उसने पत्नी की गुमशुदगी की झूठी सूचना दर्ज करा दी, जबकि उसी दिन कोमल का शव नदी से बरामद हुआ और पहचान न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

क्राइम ब्रांच ने बाद में भावेश से भी पूछताछ की. उस ने पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डर और धमकी के कारण वह 9 साल तक सच नहीं बता सका. उसके बयान, मिनेश की स्वीकारोक्ति, झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मिनेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस तरह 9 वर्षों तक साबरमती की लहरों में दफन रहा हत्या का राज आखिरकार उजागर हो गया और कोमल को न्याय मिलने की प्रक्रिया शुरू हुई. Husband kills Wife

लेखक – स्नेह सिंह

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