Indore Crime News: इदौर के नवरत्न बाग के निकट बनी डाक विभाग की ‘डाक कुंज कालोनी’ में अपने पति और बच्चों के साथ रहने वाली असिस्टेंट पोस्ट मास्टर उर्मिला सैनी की चाकू से गोद कर हत्या उस के शंकालु और सन की पति अखिलेश ने योजनाबद्ध ढंग से 11 जुलाई, 2026 की सुबह उस समय कर दी जब दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे पत्नी की हत्या के दौरान उस की चीखों को दबाने के लिए शातिर दिमाग अखिलेश ने टीवी की आवाज तेज कर दी थी.
इस वारदात को अंजाम देने के बाद अखिलेश ने खून से सने अपने कपडों को घर के पास बने चेंबर में छिपा दिया था, इस के बाद पूरे इत्मीनान के साथ अखिलेश घर पर ही नहाया और कपड़े बदलने के बाद माथे पर टीका लगाया. फिर अपनी पत्नी का कीमती हार, एटीएम कार्ड, स्कूटी और घर की चाबी एक पौलिथिन बैग में रख कर अपनी बेटी और बेटे के स्कूल पहुचाया और बेटी के हाथ में पौलिथिन बैग थमाते हुए बोला, ‘’इस में तुम्हारी मम्मी के कीमती सामान रखें हैं इन्हें संभाल कर रखना, क्योंकि इस में घर की चाबी और एटीएम कार्ड का पिन नंबर लिखा कागज भी पड़ा हुआ है. मैं और तुम्हारी मम्मी अभी जरूरी काम से भोपाल के लिए निकल रहे हैं, कल सुबह तक लौट कर आ जाएंगे. इसलिए तुम स्कूल की छुट्टी होने के बाद छोटे भाई को भी साथ ले कर औटो से सीधे पूजा मौसी के घर चले जाना’’.
इतना कह कर अखिलेश स्कूल से फरार हो गया. दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब दोनों बच्चे मौसी के घर न जा कर अपने कपड़े चेंज करने के लिए अपने घर पहुंचे तो घर में कदम रखते ही उन्हें अपनी मम्मी का खून से लथपथ शव दिखाई दिया, तो वो दोनों भौचक्के रह गए, दोनों बच्चों के रोने की आवाज सुन कर पड़ौसी कारण जानने के लिए उर्मिला के घर पर आ गए. उर्मिला का खून से लथपथ शव देख कर वह भी हतप्रभ रह गए.
इसी बीच वहां एकत्रित लोगों में से किसी ने इस वारदात की सूचना संयोगिता गंज थाने को दे दी. पुलिस के घटना स्थल पर पहुंचने से पहले उर्मिला की बेटी ने अपने नाना को फोन कर इस अनहोनी घटना से अवगत करा दिया.
बेटी ने पुलिस को बताया कि उस के पापा उस की मम्मी के चरित्र को ले कर शक करते थे. इस बात को ले कर वो मम्मी के साथ आये दिन झगड़ा किया करते थे. यहां तक कि मारपीट तक किया करते थे. वहीँ वह मोबाइल में इंटरनेट भी नहीं चलाने देते थे, शनिवार को यदि मम्मी की ड्यूटी लग जाती थी तो बुरी तरह तिलमिला जाते थे और मम्मी के डयूटी से लौट कर आते ही ऊलजलूल आरोप लगाने शुरू कर देते थे. पापा घर में रह कर सिर्फ अगरबत्ती की ट्रेडिंग का काम करते. उन की इतनी आमदनी नहीं थी कि घर का खर्च उठा सकें. मम्मी ही घर का खर्चा चलती थी.
पुलिस जांच में पता चला कि उर्मिला मूल रूप से खंडवा की रहने वाली थी और शादी के पहले से भोपाल डाक विभाग में नौकरी करती थी. अखिलेश भोपाल के टीला जमालपुरा इलाके का रहने वाला था उर्मिला की शादी 15 साल पहले अखिलेश से हुई थी. शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन बेहतर गुजरा. इस बीच वो 2 बच्चों के मातापिता बन गए. इस के बाद अखिलेश उर्मिला के चरित्र को ले कर शक करने लगा. इस से उर्मिला के खुशहाल जीवन में तनाव आ गया.
अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने से पहले अखिलेश ने औनलाइन चाकू मंगवा लिया था. उर्मिला सैनी की हत्या के आरोपी के 3 दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने से गुस्से में आए रिश्तेदारों, स्थानीय निवासियों और डाक विभाग के कर्मचारी सगठनो ने 13 जुलाई, 2026 को एकजुट हो कर संयोगिता गंज थाने का घेराव कर एसएचओ को ज्ञापन सौंपा.
16 जुलाई को पत्नी की हत्या के बाद से ही फरार चल रहे अखिलेश पर पुलिस ने इनाम घोषित कर दिया था 19 जुलाई की सुबह अखिलेश ने गंजबासौदा स्टेशन के करीब ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली उर्मिला और अखिलेश के न रहने के बाद उन के दोनों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया. फिलहाल दोनों बच्चे अपने नाना नानी के पास खंडवा में हैं.
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