Sonam Wangchuk: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें धरना स्थल से जबरन उठा कर अस्पताल में भर्ती किए जाने के मामले में उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निकालकर उनकी पसंद के किसी दूसरे अस्पताल में इलाज की अनुमति दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने इस मामले पर दोपहर 2:30 बजे सुनवाई की. वांगचुक की ओर से उनकी पत्नी की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि शनिवार, 18 जुलाई 2026 को सोनम वांगचुक को बिना किसी पूर्व सूचना के जंतर-मंतर स्थित उनके अनशन स्थल से “जबरन” उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था.
जहां उन्हें पुलिस की भरी निगरानी में रखा गया है और किसी को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है. यहाँ तक कि उनकी रिपोर्ट भी परिवार के लोगों से शेयर नहीं की जा रही हैं. याचिका में कहा गया था कि वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार मिलना चाहिए और उन्हें वहां स्थानांतरित करने की अनुमति दी जानी चाहिए. जिस पर हाई कोर्ट ने सहमति दी है. Sonam Wangchuk





