Dimple Yadav: जंतर-मंतर पर जुटे छात्रों पर जब लाठीचार्ज हुआ और उन्हें बसों में ठूंस कर पुलिस ले जाने लगी तो सांसद डिंपल यादव की अगुवाई में अनेको विपक्षी सांसदों ने मोदी सरकार के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर संसद से जंतर मंतर तक मार्च किया.

नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर अखिलेश यादव सीधे मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की. यादव ने कहा, ‘अगर नीट परीक्षा में गड़बड़ियां हुईं, तो इसका जिम्मेदार कौन है? किसकी विश्वसनीयता दांव पर लगी है? तैयारियां किसे करनी थीं? आप विश्वगुरु बनने की उम्मीद रखते हैं और दावा करते हैं कि दुनिया अमृत काल में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को हटा नहीं सकते.’

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कॉकरोचों के आगे झुकी सरकार

आखिरकार आंदोलनकारियों ने मोदी सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर ही दिया. ये बात और कि 2 घंटा इंतज़ार करवाने के बाद कॉकरोच पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से जे पी नड्डा ने मात्र 10 मिनट बात की और उनका ज्ञापन लिया. अब सत्ता में होने का अहंकार इतनी जल्दी भी कैसे उतर जाए ! नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दोपहर बाद अंततः सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे, जब पुलिस छात्रों पर लाठियां भांज रही थी, अश्रु गैस के गोले छोड़ रही थी, बसों में भर भर कर प्रदर्शनकारी छात्रों को थाने ले जा रही थी, उसी बीच सरकार और सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के बीच थोड़ी सी बातचीत हुई.

जेपी नड्डा ने बाद में कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. शाम करीब चार बजे प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लिखित याचिका सौंपी है. दूसरी ओर, सीजेपी ने कहा कि अभी तक उनकी किसी भी मांग पर सरकार की ओर से कोई अंतिम आश्वासन नहीं मिला है.

प्रदर्शनकारियों की मांगे थीं –

पहली मांग…सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई
दूसरी मांग… केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
तीसरी मांग… उन नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को सरकार एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे, जिन्होंने सिस्टम से हताश होकर आत्महत्या कर ली

संगठन का कहना है कि वर्ष 2026 के नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों के लिए शिक्षा मंत्रालय जवाबदेह है. रांका ने कहा कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है.

 

 

 

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