Mardaani 3 (2026) – Movie Review :

बौलीवुड में अब मर्दानियों का बोलबाला है. मर्दानी बनी अभिनेत्रियां कभी झांसी की रानी बन कर आक्रांताओं का मुकाबला करती नजर आईं तो कभी बलात्कार की शिकार युवती का अभिनय किया. ‘गुलाम’ फिल्म में रानी मुखर्जी ने आमिर खान के साथ ऐक्शन दृश्य दिए. उस की ‘हैलो ब्रदर’ ऐक्शनथ्रिलर फिल्म थी. ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नौर्वे’ फिल्म ने उसे नैशनल अवार्ड भी दिलवाया.

रानी मुखर्जी ने सिर्फ मर्दानियों वाले रोल ही नहीं किए. किसी फिल्म में उस ने मैडिकल छात्रा का अभिनय किया तो ‘बंटी और बबली’ में एक महिला चोर का अभिनय किया. ‘ब्लैक’ में अंधी, बहरी और गूंगी महिला का अभिनय कर उस ने दर्शकों का दिल जीत लिया. इन के अलावा रानी मुखर्जी ने अनगिनत यादगार फिल्में कीं.

रानी मुखर्जी ने 2014 ‘मर्दानी’ सीरीज की पहली फिल्म की. यशराज के बैनर तले बनी यह फिल्म यशराज चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा ने बनाई थी. 2019 में ‘मर्दानी-2’ में रानी मुखर्जी ने एक 21 वर्षीय बलात्कारी और हत्यारे की कहानी वाली फिल्म की.

‘मर्दानी-3’ ‘मर्दानी’ सीरीज की तीसरी फिल्म और पिछली फिल्मों की सीक्वल है. इस फिल्म में रानी मुखर्जी ने फिर से शिवाजी राय के रूप में अपनी धाक जमाई है. फिल्म बाल अपहरण और भिखारी माफिया के पीछे की घिनौनी कहानी को दर्शाती है.

पहली ‘मर्दानी’ फिल्म में रानी मुखर्जी ने गर्ल चाइल्ड ट्रैफिकिंग का सफाया किया था. ‘मर्दानी-2’ में एक खूंखार रेपिस्ट का खात्मा किया था. अब की बार ‘मर्दानी-3’ में वह फुल ऐक्शन में नजर आई है.

कहानी यहां भी गर्ल ट्रैफिकिंग की ही है. कहानी एक वीवीआईपी की मासूम बच्ची के किडनैपिंग से शुरू होती है. उस के साथ एक वरिष्ठ सरकारी अफसर की बेटी भी उठा ली जाती है. एसएसपी शिवानी शिवाजी राय (रानी मुखर्जी) केस की तहकीकात करती है तो पता चलता है इस में बच्चियों की खरीदफरोख्त करने वाली भिखारी गैंग की मुखिया अम्मा (मल्लिका प्रसाद) का हाथ है. किडनैपिंग की ये कड़ियां कहां तक जुड़ी हैं, शिवानी इस की तह तक जाती है और अम्मा और उस के सभी साथियों को धर दबोचती है.

फिल्म की यह कहानी जानीपहचानी है. गर्ल चाइल्ड ट्रैफिकिंग की कहानियां इस से पहले कई फिल्मों में दिखाई जा चुकी हैं. मगर इस फिल्म की पटकथा कसी होने पर दर्शकों को इस के पुरानेपन का एहसास नहीं होता.

फिल्म में टर्न्स और ट्विस्ट्स ज्यादा हैं. संवाद सीटीमार हैं. निर्देशन कुछ हद तक अच्छा है. पूरी फिल्म रानी मुखर्जी के कंधों पर है. उसे धाकड़ दिखाया गया है ठीक उसी प्रकार जैसी ‘धाकड़’ फिल्म में अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने ऐक्शन सीन दिए थे. मगर वह कंगना रनौत जैसा परफौर्म नहीं कर पाई है. फिल्म का क्लाइमैक्स दमदार है. अम्मा के किरदार में मल्लिका जबरदस्त दिखी है. रानी मुखर्जी से उस का सामना दिलचस्प है. कांस्टेबल फातिमा के रूप में जानकी बोदीवाला ने भी अच्छा अभिनय किया है. कैमरा दिल्ली की गलियों और अपराध की स्याह दुनिया को नजदीक से दिखाता है.

फिल्म का गीतसंगीत साधारण है. ‘बब्बर शेरनी…’ वाला गीत शिवानी के प्रभावशाली व्यक्तित्व को दर्शाता है. सिनेमेटोग्राफी अच्छी है.

Mardaani 3 (2026) – Movie Review

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