Border 2 (2026) – Movie Review :

आजकल विश्वभर में युद्ध के बादल छाए हुए हैं. अमेरिका, चीन, रूस, ईरान आपस में टकरा रहे हैं. अमेरिका और रूस ने तो बाकायदा छोटेछोटे देशों को धमका कर उन्हें हथियाना शुरू कर दिया है. ऐसे में बौलीवुड की फिल्म ‘बौर्डर-2’ प्रासंगिक है. दूसरे, यह फिल्म भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर रिलीज की गई है.

1997 में पहली ‘बौर्डर’ फिल्म आई थी. यह फिल्म उस की सीक्वल है. पिछली ‘बौर्डर’ को जे पी दत्ता ने निर्देशित किया था और वह ब्लौकबस्टर साबित हुई थी. यह फिल्म भारतपाक युद्ध पर बनी थी. इस फिल्म में सनी देओल, राखी गुलजार, जैकी श्रौफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, तब्बू, सुदेश बैरी जैसे कलाकार थे. रिलीज होने से पहले ही यह फिल्म काफी चर्चित हो गई थी. नई दिल्ली के उपहार सिनेमाहाल में पहले दिन पहले शो में ही मध्यांतर के बाद थिएटर में आग लग गई थी. भीड़ अधिक होने पर सिनेमा मैनेजमैंट ने हाल के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए थे और बहुत से दर्शक धुंए से दम घुटने के कारण हाल से बाहर नहीं निकल पाए थे और उन की मृत्यु हो गई थी. सालों चले इस मुकदमे में अदालत ने सिनेमा मैनेजमैंट को दोषी ठहराया था. इस फिल्म की कहानी भारतीय सैनिकों की एक टुकड़ी की थी (जिन में से अधिकतर पंजाब के थे) जिन्हें हर कीमत पर भारतपाक सीमा की रक्षा का जिम्मा सौंपा गया था. फिल्म ने अभिनेता अक्षय खन्ना को नई पहचान दिलाई. फिल्म का गाना ‘संदेशे आते हैं…’ आज भी गुनगुनाया जाता है.

मगर फिल्म के दूसरे भाग (सीक्वल) में अधिकतर वही कलाकार लिए गए हैं. इस दूसरे भाग में दिलजीत दोसांझ, सोनम बाजवा, वरुण धवन आदि को पहली बार लिया गया है. फिल्म का दूसरा भाग भी 1971 के युद्ध पर आधारित है. यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सब से बड़ी युद्ध की कहानी पर आधारित है. फिल्म दर्शकों में जोश और देशभक्ति का संचार करती है. इस को प्रमुख ऐक्शन वार फिल्म माना जा रहा है. यह भारतपाक युद्ध की सच्ची कहानियों से प्रेरित है कि कैसे सेना, नौसेना और वायुसेना एक शक्ति के रूप में एकजुट हो कर लड़ती हैं.

फिल्म ‘बौर्डर’ की कहानी हर किसी को पता है कि इस में युद्ध दिखाया गया है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था. यह लड़ाई 1991 के युद्ध का ही हिस्सा है. ‘बौर्डर-2’ में पहले पार्ट की कहानी को आगे नहीं बढ़ाया गया है बल्कि ‘बौर्डर-2’ में 1971 में भारतपाक के युद्ध की कहानी को दिखाया गया है.

कहानी 1971 में भारतपाक युद्ध की है जहां लड़ाई तीनों मोरचों जमीन, समुद्र और आसमान से हो रही थी. होशियार सिंह (वरुण धवन) आर्मी में है, निर्मलजीत सिंह (दिलजीत दोसांझ) एयरफोर्स में पायलट है और महेंद्र रावत (अहान शेट्टी) नौसेना में है. तीनों दोस्त हैं. इन के मैंटर फतेह सिंह (सनी देओल) बौर्डर पर अपनी बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं.

फिल्म की शुरुआत सैनिकों और उन के परिवारों की जिंदगी से होती है. दुश्मन अचानक भारत पर तीन दिशाओं से हमला कर देता है तो हालात मुश्किलभरे हो जाते हैं. ऐसे में ये चारों अपनेअपने मोरचों से देश की रक्षा में जुट जाते है और दुश्मन के छक्के छुड़ा देते हैं.

फिल्म की यह कहानी बहुत लंबी है- 3 घंटे 20 मिनट. यह कहानी लंबी होते हुए भी दर्शकों को बांधे रखती है. मध्यांतर से पहले जवानों की पर्सनल लाइफ दिखाई गई है. मध्यांतर के बाद वार सीन हैं. हर ऐक्टर को खासा टाइम दिया गया है. किरदारों की बौंडिंग दर्शकों को उन से जोड़े रखती है. किरदारों की बैक स्टोरी से दर्शक तारतम्यता बना लेते हैं.

मध्यांतर के बाद वार सीन्स औसत लगते हैं, उन में नयापन नहीं दिखता. वीएफएक्स जानेपहचाने लगते हैं. ऐसा लगता है कि इस तरह का वार हम ने पहले भी देखा हुआ है. वार सीन देखते वक्त धैर्य रखने की जरूरत है. सिनेमेटोग्राफी शानदार है. सनी दयोल की परफौर्मेंस बढ़िया है. उस ने निराश नहीं किया है. वरुण धवन ने भी कमाल की ऐक्टिंग की है. दिलजीत दोसांझ सहज नहर आते हैं. सोनम बाजवा के साथ उस की ट्यूनिंग कमाल की है.

फिल्म का निर्देशन अच्छा है. संवाद बढ़िया हैं. निर्देशक ने अलगअलग चारों किरदारों की कहानियों को एक माला में पिरोया है. वरुण धवन की पत्नी की भूमिका में मेघा राणा और अहान शेट्टी की पत्नी की भूमिका में ‘बैड्स औफ बौलीवुड’ की मैनेजर आन्या सिंह ने जान फूंक दी है.

परदे पर जब गाना ‘घर कब आओगे…’ आता है तो पिछली ‘बौर्डर’ की याद ताजा हो जाती है. इस के अलावा और कोई गाना जबां पर चढ़ नहीं पाता. कहींकहीं फिल्म आंखों में आंसू ला देती है. इस फिल्म को भी देखते वक्त ज्यादा दिमाग मत लगाएं. हां, भारतीय सेना की हिम्मत को देखने के लिए एक बार इसे देख सकते हैं. यह नए भारत की नई सेना है, घर में घुस कर मार सकने में सक्षम है.

Border 2 (2026) – Movie Review

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