Buying Gold and Silver in India : डौलर के मुकाबले रूपए की गिरती कीमत और नोटबंदी की फैलती रहती अफवाहों के बीच जनता अपने ही देश की सरकार की नीयत पर भरोसा नहीं कर पा रही है. इस के चलते जनता सोने और चांदी की खरीदारी कर रही है.
सोना और चांदी की कीमतों में उछाल के कारणों को लगातार खोजा जा रहा है. चांदी की बात करें तो उस का इंड्रस्ट्रियल प्रयोग बढ़ा है. जिस से चांदी की कीमत में उछाल आया है. दूसरी तरफ सोने की चमक भी लगातार बढ़ती जा रही है. इंड्रस्ट्रियल प्रयोग से इतर सोना और चांदी पर लोग रूपए से अधिक भरोसा कर रहे हैं. जिस वजह से उस में सब से अधिक निवेश किया जा रहा है.
बढ़ती कीमतों के बीच लोग यह सोच रहे हैं कि बैकों में रखे पैसे पर मिलने वाले ब्याज से अधिक पैसा सोनाचांदी की खरीदारी में बढ़ जाएगा. सोना और चांदी की खरीदारी में गहनों के मुकाबले सिक्कों की खरीदारी अधिक हो रही है. 20 जनवरी , 2026 को लखनऊ में 10 ग्राम सोने का सिक्का 1 लाख 50 हजार के करीब जीएसटी सहित था. इस के मुकाबले चांदी का सिक्का 3500 रुपए जीएसटी के साथ था.
सोने में एक ग्राम, 2 ग्राम, 5 ग्राम, 8 ग्राम और 10 ग्राम तक के सिक्के मिल जाते हैं. इस में सोने के मूल्य के अलावा 3 फीसदी जीएसटी और 5 फीसदी मेकिंग चार्ज देना पड़ता है. वहीं चांदी में 10 ग्राम से 50 ग्राम तक सिक्के के रूप में मिल जाते हैं. सोने में सिक्के और बिस्कुट दो आकार के मिल जाते हैं. चांदी में 10 ग्राम तक के सिक्के होते हैं. उस के उपर वजन के बिस्कुट यानि सिल्ली मिल जाती है.
सोने और चांदी के बाजार को समझने वाले विनोद माहेश्वरी कहते हैं ‘सोने और चांदी में आम लोग अब तेजी से इंवेस्टमैंट करने लगे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने जब से टैरिफ की टेंशन दी है. करेंसी मार्केट में मची उथलपुथल से बाजार अस्थिर हो गया है. जिस के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश ठिकाने के तौर पर सोनाचांदी की तरफ भागते हुए नजर आ रहे हैं. जिस से इन की डिमांड और कीमत दोनों में इजाफा हुआ है. इस के अलावा ने भी कीमतें बढ़ाने का काम किया है.
डौलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया :
डौलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है. साल 2025 में रुपया अमेरिकी डौलर के मुकाबले 5 परसैंट तक कमजोर रहा. जो 2022 के बाद से इस का सब से खराब प्रदर्शन रहा. पिछले साल जब डौलर कमजोर हुआ और ज्यादार ग्लोबल करैंसी मजबूत हुईं. लेकिन इन सब वजहों से रुपया तब भी कमजोर रहा. वैसे आम जनता के निवेश का इस से सीधा संबंध नहीं है. डौलर की बढ़ती कीमतों और रुपए के कमजोर होने से जनता का भरोसा टूटता है. पहले लोग 500 और 1000 के नोट रख लेते थे.
8 नवंबर , 2016 को मोदी सरकार के द्वारा जब 500 और 1000 के नोट अचानक बंद कर दिए गए तब लोगों को लगा कि उन के पैसे कितना उन के हैं? रिजर्व बैंक के आंकड़ें बताते हैं कि 2016 से 2025 के बीच नकदी 37.29 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गई है. इस का मतलब जनता नोटों का प्रयोग कर रही है. जनता ने नोटबंदी का जो रूप देखा उस से उस के मन में यह डर बैठ गया है कि नोट सरकार कभी भी बंद कर सकती है.
सरकार से घटता भरोसा
नोटबंदी के बाद सरकार ने 200, 500 और 2000 के नए नोट जारी किए थे. इन में से 2000 के नोट को बंद कर दिया गया. इस से बारबार जनता को डर लग रहा कि कहीं ऐसा न हो कि सरकार एक झटके से 500 का नोट भी बंद कर दें. ऐेसे में वह 500 के नोट को बचत के रूप में रखने से डर रही है. दूसरी तरफ कोरोना काल में तालाबंदी के बीच जब लोगों को नकदी की जरूरत थी तब वह नहीं मिली. अब विकल्प के रूप में जनता को सोना और चांदी में निवेश करना सुरक्षित लग रहा है.
बैकों में ब्याज घट गया है. कई बैक बंद हो गई. जिस में जनता का पैसा डूब गया है. ऐसे में निवेश के रूप में बैंक में पैसा रखने से भी लोगों को लाभ नहीं दिख रहा है. खासकर युवा वर्ग बचत को ले कर पहले जैसी सोच नहीं रख रहा है. वह पैसे बैंक में रखने से बेहतर खर्च करने में यकीन कर रहा है. उस के पास क्रेडिट कार्ड और मैडिकल हेल्थ कार्ड है. ईएमआई में ही उस का वेतन खर्च हो जा रहा है. युवाओं के वेतन का एक बड़ा हिस्सा इनकम टैक्स में कट जाता है.
शादी के बाद जब परिवार साथ होता है तब यह लोग इंवेस्टमैंट की सोचते हैं. उस समय इन की प्राथमिकता शेयर बाजार होती थी. वहां भी बाजार का संकट देख अब सोनाचांदी सुरक्षित निवेश लगता है. यह देखते हुए मेंस ज्वैलरी भी तेजी से प्रचलन में आई है.
जनता भले ही सरकार को वोट दे कर 2014 से 2025 तक चुनाव दर चुनाव जिताती आ रही है इस के बाद भी सरकार की मजबूती पर सवालिया निशान लगने के कारण भरोसा नहीं कर पा रही है. उसे लगता है कि डौलर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमतें किसी संकट में न डाल दे इसलिए नकद रखने की जगह पर सोनाचांदी रखा जाए. यह किसी हालत में नोट की तरह बेकार नहीं होंगे.
निवेश और गहने हर खरीदारी में लाभ होगा. इन को खरीदनेबेचने में बैंको की तरह से हिसाब और टैक्स का डर नहीं होगा.
सोनेचांदी के सिक्के को काला होने से कैसे बचाएं ?
सोना और चांदी को अगर प्रयोग न किया जाए तो कुछ दिनों में उन की चमक कम हो जाती है. कई बार चांदी काली पड़ जाती है. ऐसे में इन को रखने के समय सावधानी बरतनी चाहिए. चांदी के सिक्कों को प्लास्टिक कैप्सूल या एयरटाइट जिपलौक बैग में रखें, जिस से हवा और नमी न लगे. एंटीटार्निश स्ट्रिप्स सिक्के के पास या बैग में रखें यह हवा में मौजूद सल्फर को सोख लेती हैं. ज्यादा नमी वाली जगह पर सिक्के न रखें.
सिक्के छूने से पहले हमेशा सफेद सूती दस्ताने पहनें या चिमटे का इस्तेमाल करें, क्योंकि हाथों का तेल और एसिड दाग लगा सकता है. जरूरत पड़ने पर इन की सफाई के लिए हल्के साबुन के घोल या कौर्नस्टार्च पेस्ट का इस्तेमाल करें. सफेद सिरका या ऐसिड से सफाई न करें. इस से सिक्के का वजन घट सकता है.
सोने के सिक्कों को चांदी या धातुओं के साथ न रखें. इस से सोना खराब हो सकता है. सोनाचांदी को सुरक्षित रखना सब से बड़ी चुनौती होती है. इन के चोरी का खतरा सब से अधिक होता है. इन को तिजोरी या बैंक लौकर जैसे सुरक्षित स्थान पर रखें. हवा से बचाव के लिए सोने के सिक्कों को भी एयरटाइट कंटेनर में रखना सब से अच्छा होता है. सूखी और हवादार जगह पर रखें.
कैमिकल्स से इन का बचाव करना है. परफ्यूम, हेयर स्प्रे और अन्य कौस्मेटिक्स लगाने के बाद ही पहनें. इस तरह के प्रोडक्ट से सोना चांदी को दूर रखें. Buying Gold and Silver in India





