हौलीवुड फिल्म ‘‘द वारियर’’ में इरफान खान ने आस्कर से पुरस्कृत निर्देशक आसिफ कपाड़िया के संग काम किया था. अब पूरे सोलह साल बाद इरफान खान और निर्देशक आसिफ कपाड़िया की जोड़ी एक साथ नजर आएगी. इस बार आसिफ कपाड़िया मशहूर पाकिस्तानी लेखक मोहसीन हमीद की किताब ‘‘मोथ स्मोक’’ पर आधारित फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जिसमें मुख्य भूमिका निभाने के लिए उन्होंने इरफान खान को चुना है.

16 साल पहले ब्रिटेन में रह रहे आसिफ कपाड़िया ‘‘द वारियर’’ से पहली बार निर्देशन में उतरे थे और उन्होंने इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाने के लिए इरफान खान को चुना था. इस फिल्म ने उस वक्त ‘बाफ्टा’ सहित कई पुरस्कार बटोरे थे. यहां तक कि इस फिल्म में अभिनय कर इरफान खान, आसिफ कपाड़िया की निर्देशकीय प्रतिभा से इस कदर प्रभावित हुए थे कि वह गाहे बगाहे आसिफ कपाड़िया की तारीफ किया करते हैं. बहरहाल, 16 साल के अंतराल में आसिफ कपाड़िया के नाम पर ‘बाफ्टा’ व ‘आस्कर’ सहित कई पुरस्कार दर्ज हो चुके हैं.

सूत्रों के अनुसार अब इरफान खान लंबे समय से आसिफ कपाड़िया के साथ काम करने की सोच रहे थे. इसी के चलते वह अच्छी कहानी की तलाश में थे. सूत्र दावा कर रहे हैं कि मोहसीन हमीद की किताब ‘मोथ स्मोक’ पर फिल्म बनाने के अधिकार इरफान खान, आसिफ कपाड़िया और फिल्म ‘बांबे वेल्वेट’ में कार्यकारी निर्माता रहे दीना पटानी ने मिलकर खरीदे हैं. अब यह तीनों मिलकर ही फिल्म का निर्माण करेंगे, जिसका निर्देशन आसिफ कपाड़िया करेंगे. इसकी पहली कहानी ‘दारू शेहजाद’ है. सूत्र दावा कर रहे हैं कि इसमें शेहजाद का किरदार इरफान खान निभाएंगे. शेहजाद उस युवक की कहानी है, जो कि कि लाहौर में एक बैंक में काम कर रहा है. मगर अपनी बुरी आदतों, ड्रग्स व अपराध से जुड़ने पर नौकरी से निकाल दिया जाता है.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस फिल्म का फिल्मांकन कहां किया जाएगा? क्योंकि भारत व पाकिस्तान के बीच जो हालात बने हुए हैं, उन हालातों में इस फिल्म को कहां फिल्माया जाएगा, यह तय नहीं हो पाया है. फिलहाल इस बारे में इरफान खान कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं.

वैसे 2000 में छपी किताब ‘मोथ स्मोक’ पर 2002 में पाकिस्तानी फिल्मकार अजफार अली ने ‘दायरा’ नामक फिल्म बनायी थी, जिसे उर्दू में ‘सर्कल’ नाम दिया गया था. इस फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेता शेहजाद नवाज ने अभिनय किया था. उसके बाद इस पर हिंदी फिल्म बनाने की योजना बनी थी, जिसे राहुल बोस निर्देशित करने वाले थे. पर बाद में यह फिल्म नहीं बन पायी थी.

अब देखना है कि इस बार इरफान खान, आसिफ कपाड़िया व दीना पटानी का यह प्रयास क्या रंग लाता है?