सहारा: क्या मोहित अपने माता-पिता का सहारा बना?

‘इनसान को अपने किए की सजा जरूर मिलती है. दूसरे की राह में कांटे बोने वाले के अपने पैर कभी न कभी जरूर लहूलुहान होते हैं.

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