शौचालय बनाने के लिए मिली रकम की बंदरबांट करने के लिए हर नियमकायदे को ताक पर रख दिया गया. इस के लिए मिले चैक को बैंक ने एनजीओ के खाते में डाल दिया गया.

पीएचईडी यानी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा के दस्तखत से ही पैसों का ट्रांसफर एनजीओ के खाते में किया गया. इतना ही नहीं, एडवाइस के साथ लगे 10 चैक बैंक ने एनजीओ के खाते में डाल दिए जबकि सारी रकम शौचालय बनवाने वाले लाभार्थियों के बैंक खातों में जानी थी.

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