उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी की रहने वाली सुनीता की मां अकसर बीमार रहती थी. उसे लगता था कि अगर कहीं उस की नौकरी लग जाती तो वह अपनी मां का ठीक से इलाज करा लेती. उस के पिता की मौत हो चुकी थी.

एक छोटा भाई जरूर था, लेकिन वह अभी पढ़ रहा था. एक दिन उस के फोन पर एक मिसकाल आई. उस ने पलट कर फोन किया तो पता चला वह नंबर लखनऊ की रहने वाली सोनी का था.

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