लगता है बिहार में सुशासन बाबू का शासन अब राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था, घोर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में सिमट कर रह गया है. राज्य की व्यवस्था या तो भ्रष्टाचार में है या फिर अपराधियों के हाथों में.

अपराधी भी ऐसे जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है. बलात्कार, दिनदहाड़े अपहरण, दंगा अब बिहार की पहचान बन चुके हैं और हालात इतने खराब हैं कि आम जनता तो क्या पुलिस भी अपराधियों की गोलियों के शिकार बन रहे हैं.

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