1972 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिका के कैनेथ एरो ने 1963 में ही चेतावनी दे दी थी कि स्वास्थ्य सेवा को बाजार के हवाले कर देना आम लोगों के लिए घातक साबित होगा.

इस चेतावनी का दुनियाभर में जो भी असर हुआ हो लेकिन हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्वास्थ्य उद्योग में तबदील हो जाना क्या और कैसेकैसे गुल खिला रहा है, इस की ताजी बानगी बड़े वीभत्स, शर्मनाक और अमानवीय तरीके से बीती 1 दिसंबर को सामने आई.

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